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Wednesday, January 26, 2011

गफलत -ए -जिंदगानी में हर राग बदल जाते है,
            अपने लिए हमारे भगवान बदल जाते है,
                   आज हमसे तो कल किसी और के साथ हो जाते है,
                            इस राह के हर मोड़ पे यहाँ इन्सान  बदल  जाते है.

abhiman

Tuesday, August 31, 2010

राह है बड़ी ,जिंदगी है छोटी ,
  आज भी मेरी किस्मत है खुद से ही रूठी ,
    पर समझता  ही नहीं ये पागल की राह इतनी आसान होती है ,
        हर चीज़ इस किस्मत पे  कभी टिकी नहीं होती है ,
            अगर जज्बा है कुछ  कर जाने का ,
                   तो यह वक्त है खुद को आजमाने का |
अब वक्त है कुछ  कर जाने का
                हौसला खुद का रखो न इस ज़माने का
राहों  में मुश्किले तो बहुत होती है
                  सब सह लो गर है इरादा  है कुछ पाने का
उठो अब तुम भी आगे बढ़ो
          न देखो तब क्या हुआ
मन में इतना सोच लो
          जो हुआ वो अच्छा हुआ